नई दिल्ली: भारत सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ परामर्श में वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही यानी 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक marketable dated securities के लिए indicative issuance calendar जारी किया है। इसमें Sovereign Green Bonds भी शामिल हैं।
क्यों जारी होता है यह कैलेंडर
सरकार के अनुसार, कैलेंडर का उद्देश्य संस्थागत और खुदरा निवेशकों को अपनी निवेश योजना बनाने में सुविधा देना तथा Government Securities market में पारदर्शिता और स्थिरता बढ़ाना है।
पहले सप्ताह का संकेत
28 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 वाले auction week के लिए कुल 33,000 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियों का संकेत दिया गया है। इसमें 3 वर्ष, 7 वर्ष और 30 वर्ष की अवधि वाली securities शामिल हैं।
Indicative nature
जारी किया गया कैलेंडर indicative है। बाजार परिस्थितियों, सरकार की borrowing requirement और अन्य कारकों के आधार पर नीलामी की राशि या समय में बदलाव किया जा सकता है। ऐसे बदलाव होने पर अलग से सूचना जारी की जाती है।
निवेशकों के लिए महत्व
Government Securities calendar bond market participants को संभावित supply का अंदाजा देता है। इससे yield expectations, portfolio planning और liquidity management पर नजर रखने में मदद मिलती है।



