नई दिल्ली: भारत सरकार 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक Special Campaign 6.0 चलाएगी। इस बार अभियान का मुख्य फोकस सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा, रिकॉर्ड प्रबंधन, कार्यालय स्थान का बेहतर उपयोग और ई-वेस्ट का वैज्ञानिक निपटान रहेगा।
क्या होगा अभियान में
अभियान के दौरान मंत्रालयों और विभागों में सांसदों, राज्य सरकारों, अंतर-मंत्रालयी मामलों, प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े संदर्भों, संसदीय आश्वासनों, जन शिकायतों और अपीलों जैसी लंबित श्रेणियों की समीक्षा की जाएगी। पुराने रिकॉर्ड की छंटाई, ई-फाइलों का बंद किया जाना और अनुपयोगी सामग्री की पहचान भी प्रक्रिया का हिस्सा है।
ई-वेस्ट पर विशेष जोर
Special Campaign 6.0 में इलेक्ट्रॉनिक कचरे की पहचान, पृथक्करण और अधिकृत माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल निपटान पर विशेष जोर दिया गया है। यह सरकारी कार्यालयों में बेहतर रिकॉर्ड मैनेजमेंट और कार्यस्थल की उपयोगिता बढ़ाने के साथ जोड़ा गया है।
पहले चरण के नतीजे
वाणिज्य विभाग के अनुसार, Special Campaign 5.0 के दौरान 88,385 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई थी और 46,255 फाइलों को नियमानुसार हटाया गया। इससे 36,005 वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली हुआ और स्क्रैप निपटान से लगभग 70 लाख रुपये की आय हुई।
आगे की समय-सीमा
2 से 31 अक्टूबर मुख्य Implementation Phase रहेगा। इसके बाद 16 से 30 नवंबर 2026 के बीच Evaluation Phase में अभियान के परिणामों की समीक्षा की जाएगी।



